रांची/जमशेदपुर: 2.20 करोड़ रुपये के इनामी माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ आकाश की गिरफ्तारी के बाद अब झारखंड पुलिस भी उससे पूछताछ की तैयारी में जुट गई है। पश्चिम बंगाल की कोलकाता STF ने असीम मंडल को गिरफ्तार किया था और फिलहाल उससे पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में रखा गया है। अदालत ने उसे 29 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा है।
झारखंड पुलिस असीम मंडल को अपनी रिमांड पर लेकर राज्य में दर्ज पुराने मामलों के संबंध में पूछताछ करना चाहती है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, उसके खिलाफ झारखंड में करीब 55 मामले दर्ज होने की जानकारी है। इन मामलों में सुरक्षा बलों पर हमले, आईईडी विस्फोट और अन्य माओवादी गतिविधियों से जुड़े केस शामिल हैं।
पुराने मामलों की जांच पर फोकस
असीम मंडल लंबे समय से झारखंड और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में माओवादी गतिविधियों से जुड़ा रहा है। झारखंड पुलिस उसकी रिमांड मिलने के बाद पुराने मामलों की जांच आगे बढ़ाने के साथ संगठन के नेटवर्क और उसके संपर्कों से जुड़े पहलुओं पर भी जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ दर्ज मामलों में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ और विस्फोट से जुड़े कई मामले शामिल हैं। पश्चिमी सिंहभूम के टोंटो, जराईकेला और अन्य इलाकों में हुई घटनाओं में भी उसका नाम सामने आया है।
लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था
असीम मंडल को CPI (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य और पश्चिम बंगाल स्टेट कमेटी-I का सचिव बताया गया है। झारखंड सरकार ने उस पर एक करोड़ रुपये और ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था। इस तरह कुल इनामी राशि 2.20 करोड़ रुपये थी।
अब झारखंड पुलिस की पूछताछ से पुराने मामलों में नई जानकारी मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि लंबे समय तक क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों से जुड़े मामलों में उसकी क्या भूमिका थी और किन संपर्कों के जरिए संगठन की गतिविधियां संचालित होती थीं।
नोट: आपकी मूल कॉपी में “करीब 100 गंभीर मामले” और “पूर्वी सिंहभूम में 55 मामले” लिखा है, लेकिन उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में 55 मामलों का विवरण अलग-अलग तरीके से दिया गया है। इसलिए मैंने नई कॉपी में इसे अधिक सावधानी से प्रस्तुत किया है।
