राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ दर्ज FIR की जांच में देरी

बर्खास्त इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद पर दर्ज FIR की जांच अब भी अधर में, पांच महीने से विभाग कर रहा पत्राचार

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राज्य के जल संसाधन विभाग को भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त किए गए तत्कालीन जूनियर इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच की मौजूदा स्थिति अब तक नहीं मिल सकी है। जांच की प्रगति की जानकारी जुटाने के लिए विभाग पिछले करीब पांच महीनों से ग्रामीण विकास से जुड़े विभागों के साथ लगातार पत्राचार कर रहा है।

जानकारी के अनुसार, जल संसाधन विभाग के तत्कालीन जूनियर इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद की सेवाएं ग्रामीण विकास विभाग को सौंपी गई थीं। इसके बाद उन्हें NREP विशेष प्रमंडल में प्रतिनियुक्त किया गया था। चाईबासा में पदस्थापन के दौरान योजनाओं में कथित गड़बड़ी के आरोप में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। बाद में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते सरकार ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया।

अब जल संसाधन विभाग इस मामले में दर्ज प्राथमिकी की जांच कहां तक पहुंची, इसकी जानकारी हासिल करना चाहता है। इसी सिलसिले में विभाग ने मई 2026 में ग्रामीण कार्य विभाग (REO) को पत्र भेजकर चाईबासा में राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच की ताजा स्थिति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।

करीब एक महीने बाद REO की ओर से जल संसाधन विभाग को जवाब भेजा गया। इसमें बताया गया कि राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी से संबंधित कोई जानकारी REO के पास उपलब्ध नहीं है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि संबंधित इंजीनियर NREP विशेष प्रमंडल में पदस्थापित थे। ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज मामले की जानकारी ग्रामीण विकास विभाग से प्राप्त की जा सकती है।

REO से जवाब मिलने के करीब तीन महीने बाद जल संसाधन विभाग ने ग्रामीण विकास विभाग को पत्र भेजा। विभाग ने पत्र में REO की ओर से दी गई जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी से संबंधित जानकारी ग्रामीण विकास विभाग के स्तर से उपलब्ध कराई जा सकती है।

अब जल संसाधन विभाग ने ग्रामीण विकास विभाग से इस मामले में दर्ज प्राथमिकी की जांच की वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी है। हालांकि, विभागीय पत्राचार के बावजूद मामले की जांच की ताजा स्थिति सामने आने में लगातार देरी हो रही है।

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