मां चली गईं… हेमंत सोरेन के घर फिर पसरा गहरा सन्नाटा

jharkhand रांची न्यूज़
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मां चली गईं… हेमंत सोरेन के घर फिर पसरा गहरा सन्नाटा कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं, जिनके चले जाने के बाद घर वही रहता है… दीवारें वही रहती हैं… आंगन वही रहता है… लेकिन उस घर की रौनक कहीं खो जाती है।झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के परिवार पर एक बार फिर ऐसा ही दुख टूट पड़ा है। उनकी मां और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जीवनसंगिनी रूपी सोरेन अब इस दुनिया में नहीं रहीं।लंबे समय से बीमारी से जूझ रहीं रूपी सोरेन का रांची के बरियातू स्थित हिल व्यू अस्पताल में इलाज चल रहा था। जिंदगी बचाने की कोशिशें होती रहीं… उम्मीदें बनी रहीं… परिवार उनके साथ खड़ा रहा… लेकिन आखिरकार वह घड़ी आ गई, जब मां की ममता से भरा वह साया हमेशा के लिए उठ गया।एक मां का जाना सिर्फ एक इंसान का जाना नहीं होता।मां घर की वह आवाज होती है, जिसे सुनकर उम्र चाहे कितनी भी हो जाए… बेटा खुद को बच्चा ही महसूस करता है। मां की मौजूदगी में जिंदगी की कितनी ही मुश्किलें छोटी लगती हैं। और जब वही मां नहीं रहतीं, तो इंसान के पास यादों के अलावा कुछ नहीं बचता।रूपी सोरेन ने सिर्फ एक राजनीतिक परिवार की जिम्मेदारियां नहीं संभालीं।

उन्होंने उस परिवार को संभाला, जिसके जीवन का बड़ा हिस्सा संघर्ष, आंदोलन और राजनीति के बीच गुजरा। दिशोम गुरु शिबू सोरेन के लंबे राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने परिवार को संभाले रखा। बच्चों की परवरिश की… घर की जिम्मेदारियां निभाईं… और परिवार के लिए वह मजबूत आधार बनी रहीं।दुमका से भी उनका एक भावनात्मक रिश्ता रहा। राजनीति के मैदान में भी उनका नाम दर्ज हुआ। 1999 में झामुमो ने उन्हें दुमका लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा था। लेकिन चुनाव और राजनीति से कहीं बड़ा उनका परिचय एक मां, पत्नी और परिवार की उस महिला के रूप में रहा, जिसने अपने हिस्से की जिम्मेदारियां चुपचाप निभाईं।आज वही दुमका भी गम में है…वही झारखंड भी शोक में है…और सोरेन परिवार के घर में एक ऐसी कमी पैदा हो गई है, जिसे शायद कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा।पिछले कुछ समय में इस परिवार ने एक के बाद एक अपनों को खोने का दर्द देखा है। कुछ जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि एक और अपूरणीय क्षति सामने आ गई।

ऐसे में रूपी सोरेन का जाना इस परिवार के लिए सिर्फ एक और दुखद घटना नहीं, बल्कि भावनाओं को झकझोर देने वाला एक और बड़ा आघात है।रूपी सोरेन का जीवन अब स्मृतियों में रहेगा।उनकी बातें… उनका स्नेह… उनका संघर्ष… उनका परिवार के प्रति समर्पण… और उनके साथ बिताया हर एक पल अब उनके अपनों के लिए अनमोल याद बन चुका है।दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जीवन की साथी के रूप में… हेमंत सोरेन की मां के रूप में… और सोरेन परिवार की एक मजबूत स्तंभ के रूप में रूपी सोरेन को हमेशा याद किया जाएगा।आज उन्हें सिर्फ श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है…आज उस मां को याद करने का दिन है, जिसने अपने परिवार के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया।स्व० रूपी सोरेन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दें और शोकाकुल सोरेन परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति दें। मां चली गईं…लेकिन मां की दुआएं और उनकी यादें कभी नहीं जातीं।

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