रांची: डुमरी विधायक जयराम महतो ने झारखंड में कमजोर मॉनसून की स्थिति को लेकर राज्य सरकार को आगाह किया है। उन्होंने कहा कि राज्य की कृषि अब भी बड़े पैमाने पर मॉनसूनी बारिश पर निर्भर है और पर्याप्त सिंचाई सुविधाओं के अभाव में कम वर्षा का सीधा असर खेती, किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने कहा कि इस वर्ष कमजोर और अनिश्चित मॉनसून के कारण खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो रही है। इससे किसानों के साथ-साथ कृषि एवं ग्रामीण गैर-खेतिहर मजदूरों के सामने भी आजीविका का संकट गहरा सकता है।
जयराम महतो ने सरकार से किसानों और गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में खेती के अलावा वैकल्पिक रोजगार के अवसर बढ़ाने की अपील की। उन्होंने संभावित पलायन की आशंका जताते हुए प्रवासी मजदूर आयोग के गठन की मांग की। साथ ही मनरेगा के तहत कार्य दिवस बढ़ाने, मजदूरी दोगुनी करने और निजी खेती में 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार देने से जुड़े मामले के शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
विधायक ने कहा कि सूखे की आशंका अब एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में सरकार को केवल राहत कार्यों तक सीमित रहने के बजाय मजबूत कृषि नीति, सिंचाई विस्तार, जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को केंद्र में रखकर दीर्घकालिक एवं व्यापक कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए।
