मुख्यमंत्री ने कहा- सभी के सहयोग और भागीदारी से ही प्राकृतिक व्यवस्था को संरक्षित और सुरक्षित रख सकेंगे
झारखंड में जल- जंगल और जमीन हमेशा से ही हमारे जीने का जरिया रहा है। लेकिन, सदियों से चली आ रही ये व्यवस्था अन्धाधुन्ध विकास और शहरीकरण की दौड़ में पीछे छूटती जा रही है। आज हरे -भरे पेड़ों से आच्छादित जंगल की जगह कंक्रीट के जंगल ने ले ली है। इसका सीधा असर हमारे […]
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