छतरपुर : एक ओर देश में अमृतकाल, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल इंडिया की बात हो रही है, वहीं पलामू लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला छतरपुर अनुमंडल आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। वर्षों पहले अनुमंडल का दर्जा मिलने के बावजूद यहां की कई मूलभूत आवश्यकताएं अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आज भी ब्लड बैंक, ट्रॉमा सेंटर, पोस्टमार्टम हाउस, निबंधन कार्यालय और जेल जैसी आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। अनुमंडलीय अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक संसाधनों की कमी के कारण गंभीर मरीजों को दूसरे शहरों में रेफर करना पड़ता है।
वहीं बाजार विस्तार, आधुनिक बस स्टैंड, टेंपो स्टैंड, टाउन हॉल, पार्क, स्टेडियम और स्थानीय जलाशयों के सौंदर्यीकरण जैसी योजनाएं लंबे समय से लंबित हैं। बिजली व्यवस्था और शहरी सुविधाओं को लेकर भी लोगों में असंतोष है।
क्षेत्र के युवाओं के सामने रोजगार सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। उद्योग-धंधों की कमी और रोजगार के सीमित अवसरों के कारण बड़ी संख्या में युवाओं को पलायन करना पड़ रहा है।
छतरपुर की जनता का कहना है कि विकास केवल सड़क और भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के अवसर और आधुनिक नागरिक सुविधाएं ही वास्तविक विकास की पहचान हैं।
अब स्थानीय लोग जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से स्पष्ट जवाब और ठोस कार्ययोजना की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र को केवल घोषणाओं और आश्वासनों की नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले विकास कार्यों की जरूरत है।
जनता की मांग साफ है—छतरपुर के समग्र विकास के लिए समयबद्ध रोडमैप बनाया जाए और उसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। क्योंकि अब लोगों को वादे नहीं, परिणाम चाहिए।
