पलामू जिले में मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों से 200-200 रुपये वसूले जाने के आरोप ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के लाभुकों की जांच के दौरान एक आंगनबाड़ी सेविका ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के नाम पर प्रत्येक लाभुक से 200 रुपये लिए। मामले की शिकायत अब कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग से की गई है।
शिकायत के अनुसार, सरसोत पंचायत में मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों के सत्यापन की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी सेविका को दी गई थी। आरोप है कि जांच के दौरान सेविका अपने पति के साथ पहुंचती थीं और लाभुकों से 200-200 रुपये की मांग की जाती थी। ग्रामीणों ने दावा किया कि यह राशि प्रखंड विकास पदाधिकारी परितोष प्रियदर्शी के नाम पर वसूली जाती थी।
बताया गया है कि परितोष प्रियदर्शी के पास प्रखंड विकास पदाधिकारी के साथ-साथ बाल विकास परियोजना पदाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी है। ग्रामीणों की ओर से वसूली की शिकायत पहले जिले के उपायुक्त से की गई थी। आरोप है कि शिकायत की जांच की जिम्मेदारी भी उन्हीं बीडीओ को सौंप दी गई, जिनके नाम पर कथित तौर पर राशि वसूले जाने की बात कही गई थी।
कार्मिक विभाग को भेजे गए शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जांच के दौरान लाभुकों का पक्ष ठीक से नहीं सुना गया और आंगनबाड़ी सेविका के पक्ष में रिपोर्ट तैयार कर दी गई। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच सरकार के स्तर से कराने और पूरे प्रकरण में उचित कार्रवाई की मांग की है।
